प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) भारत सरकार द्वारा देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय पीयूष गोयल द्वारा 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट में की गई थी, लेकिन इसे 1 दिसंबर 2018 से लागू माना गया था। इसके तहत किसानों को कृषि से जुड़े खर्चों (जैसे बीज, खाद, कीटनाशक) और अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए सीधी नकद सहायता दी जाती है।
PM-KISAN योजना के मुख्य लाभ और वित्तीय सहायता
यह योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित (100% Central Sector Scheme) है, जिसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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₹6,000 की वार्षिक सहायता: पात्र किसान परिवारों को हर साल कुल ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।
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3 समान किस्तें: यह राशि ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में हर चार महीने के अंतराल पर ट्रांसफर की जाती है।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): सहायता राशि सीधे किसानों के आधार से लिंक बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या बिचौलियों की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
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परिवार की परिभाषा: इस योजना के उद्देश्य से 'किसान परिवार' का अर्थ पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चों से है।
पात्रता और अपवर्जन मानदंड (Eligibility & Exclusions)
शुरुआत में यह योजना केवल उन छोटे किसानों के लिए थी जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि थी, लेकिन 1 जून 2019 से इसका दायरा बढ़ाकर देश के सभी भूमिधारक किसानों को इसमें शामिल कर दिया गया।
कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं है? (Exclusion Criteria):
संभ्रांत और उच्च आय वर्ग के किसानों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जैसे:
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संस्थागत भूमिधारक: यदि जमीन किसी संस्था, ट्रस्ट या कंपनी के नाम पर है।
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संवैधानिक पद: परिवार का कोई सदस्य जो वर्तमान में या पहले किसी संवैधानिक पद पर रहा हो।
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सरकारी नौकरी व पेंशनभोगी: केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू के वर्तमान या सेवानिवृत्त कर्मचारी (मल्टी-टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) और वे पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन ₹10,000 या उससे अधिक है।
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आयकर दाता (Income Tax Payers): कोई भी व्यक्ति जिसने पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर (Income Tax) का भुगतान किया हो।
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पेशेवर (Professionals): डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और आर्किटेक्ट जो पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत हैं।
अनिवार्य नियम: e-KYC और भूमि सत्यापन (Land Verification)
सरकार ने फर्जीवाड़े को रोकने और केवल वास्तविक किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए दो नियम अनिवार्य कर दिए हैं:
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e-KYC: सभी लाभार्थियों के लिए अपना e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। इसके बिना अगली किस्तें रोक दी जाती हैं।
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भू-सत्यापन (Land Seeding): किसान के नाम पर दर्ज खेती की जमीन का सरकारी रिकॉर्ड से डिजिटल मिलान होना जरूरी है।
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Aadhar Linked Bank Account: बैंक खाता आधार से लिंक और डीबीटी (DBT) के लिए इनेबल्ड होना चाहिए।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
नया पंजीकरण करने के लिए किसान के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
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आधार कार्ड (अनिवार्य)
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जमीन के दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी/जमीन की नकल)
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आधार से लिंक मोबाइल नंबर
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बैंक खाता पासबुक
नया पंजीकरण और स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान घर बैठे PM-KISAN पोर्टल या PM-Kisan Mobile App के माध्यम से ये काम खुद कर सकते हैं:
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नया रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर 'Farmers Corner' में जाकर 'New Farmer Registration' पर क्लिक करें, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र चुनें, आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर फॉर्म भरें।
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बेनिफिशियरी स्टेटस (Kist Status): 'Know Your Status' सेक्शन में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर आप चेक कर सकते हैं कि आपकी किस्त आई है या नहीं और e-KYC पूरा है या नहीं।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)
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आधिकारिक पोर्टल:
pmkisan.gov.in (नया पंजीकरण करने, e-KYC करने और किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए)
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लाभार्थी सूची (Beneficiary List):
pmkisan.gov.in/Rpt_BeneficiaryStatus_pub.aspx (अपने गांव की पूरी लिस्ट देखने के लिए कि किसे लाभ मिल रहा है)
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पीएम-किसान हेल्पलाइन नंबर: 155261 या 1800-115-526 (Toll-Free)
(किस्त न आने या किसी भी तकनीकी समस्या की शिकायत के लिए)